Semester kya hota hai : जानिए कॉलेज में कितने सेमेस्टर होते हैं और फ़ैल होने पर क्या करें

Semester kya hota hai : जानिए कॉलेज में कितने सेमेस्टर होते हैं और फ़ैल होने पर क्या करें | सेमेस्टर क्या होता है | कॉलेज में कितने सेमेस्टर होते हैं | क्या सेमेस्टर एग्जाम में फ़ैल होने से डिग्री पर कोई असर पड़ता है | क्या हम एक परीक्षा को 2 बार दे सकते हैं

दोस्तों स्कूल में तो सामान्यत: प्रतिवर्ष फाइनल परीक्षा होती है l इसके अलावा तिमाही परीक्षा, छःमाहि परीक्षा भी स्कूल अपने स्तर पर आयोजित करता है लेकिन दोस्तों कॉलेज में ऐसा कुछ नहीं है l कॉलेज लाइफ स्कूल लाइफ से बिलकुल अलग है l जहाँ हम स्कूल में फाइनल परीक्षा एक बार देकर पास हो जाते हैं तो वही दूसरी तरफ कॉलेज में हम साल में 2 बार परीक्षा देते हैं और दोनों में पास होने के बाद ही हमारा अगले साल में एडमिशन हो पाता है l

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Semester kya hota hai

आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएँगे कि Semester kya hota hai और कॉलेज में कितने सेमेस्टर होते हैं l क्या सेमेस्टर एग्जाम में फ़ैल होने से डिग्री पर कोई असर पड़ता है, क्या हम एक परीक्षा को 2 बार दे सकते हैं, इत्यादि प्रश्न और इससे सम्बंधित आपके सभी डाउट हम दूर करने वाले हैं l दोस्तों आइये पहले हम ये जान लेते है कि सेमेस्टर क्या होता है और कितने सेमेस्टर होते हैं l

सेमेस्टर क्या होता है

दोस्तों सेमेस्टर का मतलब छमाहि होता है ये प्रणाली आपको कॉलेज में देखने को मिलती है l आपको शायद मालूम होगा कि बहुत से कोर्स के लिए कॉलेज में साल भर में 2 बार पेपर लिए जाते हैं l दोनों ही पेपर अलग अलग होते हैं l जिस कोर्स में सेमस्टर के अनुसार परीक्षा ली जाती है तो उसमे प्रथम वर्ष के आधे हिस्से यानी 6 माह में परीक्षा ली जाती है और यही 1st Semester कहलाता है l

Semester kya hota hai
Semester kya hota hai

दोस्तों 6 महीने होने पर प्रथम सेमेस्टर एग्जाम होने के बाद अब आप 2nd semester में पहुँचते हैं जहाँ आपको पिछले सेमेस्टर का कोई भी पेपर देखने को नहीं मिलता और न ही विषयों का इसमें मेल जोल है l दोनों ही सेमेस्टर अलग अलग होते हैं और 2nd सेमेस्टर की परीक्षा पूर्ण होने पर विधार्थी का कॉलेज का प्रथम वर्ष College 1st year पूर्ण हो जाता है l

कॉलेज में कितने सेमेस्टर होते हैं

दोस्तों सेमेस्टर कितने होते हैं ये इस बात पर निर्भर करता है कि किस कोर्स के लिए सेमेस्टर पुछा जा रहा है क्योंकि सामान्यत: प्रतिवर्ष 2 सेमेस्टर पूरे होते हैं l अब जिस कोर्स को पूर्ण होने में या उसकी अवधि 3 वर्ष हो तो उसमे कुल 6 सेमेस्टर होते हैं l वही जिस कोर्स की अवधि 4 साल की हो तो उसमे कुल 8 सेमेस्टर होते हैं l आपको बता दें कि प्रत्येक सेमेस्टर में विधार्थी का पास होना ज़रूरी है अन्यथा उसे वापस सम्बंधित विषय/सेमेस्टर का पेपर देना होगा l

क्या सेमेस्टर एग्जाम में फ़ैल होने से डिग्री पर कोई असर पड़ता है

दोस्तों कॉलेज के 1st year में जाते ही स्टूडेंट्स के दिमाग में एक दर बैठ जाता है कि कहीं प्रथम सेमेस्टर में वह फ़ैल न हो जाए! फिर अगर वो फ़ैल हो भी जाते हैं तो उनके मन में एक सवाल पैदा होता है कि क्या सेमेस्टर एग्जाम में फ़ैल होने से डिग्री पर कोई असर पड़ता है, तो दोस्तों हम आपको बता दें कि इससे डिग्री पर उतना बुरा प्रभाव नहीं पड़ता जितना कि आप सोच रहे हैं l हाँ लेकिन आपके नॉलेज में थोडा बढ़ोत्तरी हो जाती है l इसके अलावा कुछ कंपनिया प्लासम्नेट्स के लिए जब कॉलेज आती हैं तो उसमे हो सकता है कि सेमेस्टर फ़ैल/सेमेस्टर बेक वाले स्टूडेंट्स को बैठने न दिया जाए l

क्या हम एक परीक्षा को 2 बार दे सकते हैं

दोस्तों जब हम सेमेस्टर वाले पेपर देते हैं और उनमें से किसी विषय में फ़ैल हो जाते है या पूरे सेमेस्टर में फ़ैल हो जाते हैं तो हमें दोबारा वह परीक्षा देने का मौका मिलता है l जी हाँ दोस्तों जैसे मान लीजिये कि आपने प्रथम सेमेस्टर में किन्ही दो विषय में फ़ैल हुए तो अब 2nd semester का एग्जाम तो आपको देना ही है साथ ही साथ आपको पिछले विषय जिसमे आप फ़ैल हुए थे उसका भी पेपर देना होगा, अन्यथा आपका प्रेशर बढ़ता जाएगा और आप अपने साथ वालो से 6 महीने पीछे भी हो सकते है l

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