Supplementary kitne number par aati hai | सप्लीमेंट्री एग्जाम में कितने नंबर चाहिए | फिर से फ़ैल हो गए तो क्या करें | रुक जाना नहीं योजना | आ अब लौट चले योजना
स्कूल में जब विधार्थी सालाना परीक्षा में फ़ैल हो जाता है तो उसे supplementary परीक्षा देने का मौका मिलता है, लेकिन ये सवाल आता है कि Supplementary kitne number par aati hai . किन्हें supplementary exam देना होता है, तो अगर आप ये जानना चाहते हैं तो आर्टिकल को अंत तक पढ़ें.
Supplementary kitne number par aati hai
आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताने वाले है कि Supplementary kitne number par aati hai . supplementary आने पर क्या करें, कितने नंबर से विधार्थी पास होता है, किन विधार्थियों को पास किया जाता है, इत्यादि.
Supplementary exam kya hai
वार्षिक परीक्षा में कुल विषय में से किसी 1 या और अधिक विषय में फ़ैल हो जाने पर विधार्थी अगली कक्षा में प्रवेश नहीं ले सकता. फ़ैल हुए विषय में पास होने के लिए उसे परीक्षा देने का एक और मौका दिया जाता है जिसमे वो मेहनत करके चाहे तो पास हो सकता है. इस दिए गए पुन: परीक्षा के मौके को ही supplementary exam कहते हैं.

Supplementary ke liye kitna marks aana chahiye
सामान्यत: प्रत्येक विषय में 100 अंक के लिए पेपर होते हैं जिसमे से कम से कम 33% अंक लाना ज़रूरी है अर्थात 33 अंक तो आने ही चाहिए, यदि किसी विधार्थी के किसी भी विषय में 30, 31 जैसे अंक आते हैं या 25, 28 अंक तो वह फ़ैल माना जाता है. वही अगर किसी विषय में कुल अंक 70 के होते हैं तो उसे कम से कम 22 या अन्य जगहों में 28 अंक हासिल करना ज़रूरी है, इससे कम होने पर वह फ़ैल माना जाएगा और supplementary exam का पात्र होगा.
सप्लीमेंट्री एग्जाम में कितने नंबर चाहिए
ये तो आप समझ गए हैं कि 33 अंक से कम नंबर लाने पर विधार्थी को supplementary exam देना होगा अब आइये =ये समझ लेते हैं कि supplementary exam में कितने नंबर चाहिए ताकि विधार्थी पास हो जाए, तो दोस्तों supplementary exam भी फाइनल परीक्षा की तरह ही होती है बस क्वेश्चन का लेवल थोडा मॉडरेट होता है यानी आसान से सवाल पूछे जाते हैं
इसमें आपका पास होना बहुत ज़रूरी है अन्यथा फ़ैल होने पर आप अगली कक्षा में प्रोमोट नहीं हो पाओगे और फिर 1 साल पीछे हो जाओगे, इसमें पास होने के लिए आपको 33% अंक अर्थात 100 अंक के लिए 33 अंक लाना हर हाल में ज़रूरी है. तभी आप ये परीक्षा पास कर पाओगे.
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फिर से फ़ैल हो गए तो क्या करें
आप वार्षिक परीक्षा में तो फ़ैल थे ही साथ ही आप supplementary exam में भी फ़ैल हो जाते हैं तो इसके बाद ये देखा जाएगा कि आप किस कक्षा में है और कितने अंको से चूक हुई है, उदहारण के लिए यदि आपको पास होने के लिए सिर्फ 2-3 अंक कम पड़ रहे हैं तो ग्रेस से आप पास हो जाओगे और यदि आप कक्षा 10वीं में है तो सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना से भी आपको पास होने के लिए अवसर प्राप्त हैं.
रुक जाना नहीं योजना
- यह योजना मध्य प्रदेश राज्य ओपन स्कूल द्वारा चलाई जाती है।
- इसका उद्देश्य उन छात्रों को दोबारा मौका देना है जो 10वीं या 12वीं में फेल हो गए हैं।
- छात्र साल में कई बार परीक्षा देकर पास हो सकते हैं।
- इससे पढ़ाई बीच में छूटने से बचती है और करियर पर असर कम पड़ता है।
आ अब लौट चले योजना
- यह योजना भी मध्य प्रदेश राज्य ओपन स्कूल की ही पहल है।
- इसका मकसद ऐसे युवाओं को वापस पढ़ाई से जोड़ना है जिन्होंने किसी कारण से स्कूल छोड़ दिया था।
- उन्हें फिर से 10वीं/12वीं पूरी करने का मौका दिया जाता है।
- यह योजना “ड्रॉपआउट” छात्रों के लिए नई शुरुआत का रास्ता खोलती है।
