MPESB Bharti Negative marking हुई लागू | तुक्के से नहीं चलेगा काम, गलत उत्तर -1 सही उत्तर 3 अंक, 11 भर्तियों पर मान्य

MPESB Bharti Negative marking हुई लागू MPESB Bharti Negative marking हुई लागू

MPESB Bharti Negative marking हुई लागू | तुक्के से नहीं चलेगा काम, गलत उत्तर -1 सही उत्तर 3 अंक, 11 भर्तियों पर मान्य

मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने 2026 में आयोजित करने वाली भर्तियों में अब नेगेटिव मार्किंग लागू कर दी है, पहले जहां मध्य प्रदेश के किसी भी कॉम्पटेटिव एग्जाम में विद्यार्थी चाहे तो सारे क्वेश्चन अटेम्प करके आ सकता था लेकिन अब ऐसा करने पर उसके गलत उत्तर पर एक निश्चित फॉर्मूला के अनुसार अंक की कटौती की जाएगी.

MPESB Bharti Negative marking हुई लागू

मप्र कर्मचारी चयन मंडल (एमपी-ईएसबी) अपने एग्जाम पैटर्न में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। अब अभ्यर्थियों को भर्ती परीक्षाओं में ‘तुक्का’ लगाकर सवाल हल करना महंगा पड़ेगा। एमपी-ईएसबी की ओर से आगे आयोजित होने वाली परीक्षाओं में फिर से नेगेटिव मार्किंग शुरू की जाएगी। एमपी-ईएसबी के संचालक मंडल की गुरुवार को मंत्रालय में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विभाग संजय शुक्ला ने की।

1 गलत उत्तर टिक करने पर 1 अंक काटे जाएंगे

परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग (नकारात्मक अंकन) का अर्थ है कि किसी प्रश्न का गलत उत्तर देने पर न केवल उस प्रश्न के अंक कटते है, बल्कि सही उतरों में से भी निश्चित अंक काट लिए जाते हैं। इस तरह कुल प्राांक कम हो जाते हैं। जिन प्रश्नों का उत्तर नहीं दिया जाता है, उनके कोई अंक नहीं काटे जाते हैं। उदाहरण के तौर पर यदि परीक्षा में प्रश्न 3 अंक का है और गलत उत्तर पर 1/3 की नेगेटिव मार्किंग है, तो गलत उत्तर देने पर सही उत्तर में से 1 अंक काट लिया जाएगा। यह एग्जाम पैटर्न अनुमान लगाकर उत्तर देने (तुक्का मारने) को हतोत्साहित करने और सटीकता बढ़ाने के लिए अपनाया जाता है।

MPESB Bharti Negative marking हुई लागू
MPESB Bharti Negative marking हुई लागू

पहले भी लागू हो चुकी है स्कीम

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक पूर्व में कर्मचारी चयन मंडल की भर्ती परीक्षाओं में नेगेटिव मार्किंग की जाती थी, लेकिन वर्ष 2011-12 परीक्षाओं में नेगेटिव मार्किंग बंद कर दी गई थी। परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों की ओर से लगातार परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग शुरू करने की मांग की जा रही थी, ताकि अभ्यर्थी परीक्षाओं को गंभीरता से लें और परीक्षाओं की गंभीरता से तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को फायदा मिले।

इसे देखते हुए एमपी-ईएसबी के संचालक मंडल ने विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श के बाद भर्ती परीक्षाओं में नेगेटिव मार्किंग शुरू करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों का कहना है कि नया एग्जाम पैटर्न लागू होने पर परीक्षा में किसी प्रश्न का गलत उत्तर टिक करने पर सही उत्तर से निश्चित अंक काटे जाएंगे। गलत उत्तर देने पर कितने अंक कटेंगे, इस पर अंतिम निर्णय जल्द लिया जाएगा।

नोट : अधिकारियों का कहना है कि एमपी-ईएसबी की जिन भर्ती परीक्षाओं के लिए पूर्व में नियम बन चुके हैं, उनको छोड़‌कर भविष्य में होने वाली सभी परीक्षाओं में नेगेटिव मार्किंग की जाएगी।

कर्मचारी चयन मंडल की Vacancy & Exam

पोस्टपदों की संख्या
सूबेदार, उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा500 पद
समूह-02 उपसमूह-03 संयुक्त भर्ती परीक्षा454 पद
समूह-01 उपसमूह-02 (तकनीकी शिक्षा विभाग प्रशिक्षण अधिकारी)429 पद
समूह-05 स्टाफ नर्स संयुक्त भर्ती परीक्षा888 पद
क्षेत्ररक्षक, जेल प्रहरी, सहायक जेल अधीक्षक परीक्षा100 पद
समूह-02, उपसमूह-4500 पद
संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, भोपाल1426 पद
समूह-03, उपयंत्री भर्ती परीक्षा1287 पद
समूह-७३, उपयंत्री भर्ती परीक्षा900 पद

5500+ पदों के लिए 11 भर्ती परीक्षाएं होंगी

मप्र कर्मचारी चयन मंडल की ओर से आयोजित परीक्षाओं के माध्यम से विभिन्न विभागों में क्लास-3 के रिक्त पदों पर भर्ती की जाती है। मप्र कर्मचारी चयन मंडल वर्ष 2026 में 11 भर्ती परीक्षाएं आयोजित करेगा। इन भती परीक्षाओं के जरिए 5,528 पद भरे जाएंगे। एमपी-ईएसबी ने परीक्षाओं का कैलेंडर जारी कर दिया है। सरकार ने कर्मचारी चयन मंडल को भर्ती परीक्षाएं समय पर कराने के निर्देश जारी किए है। इसके चलते यह माना जा रहा है कि इस साल प्रस्तावित भर्ती परीक्षाएं निर्धारित समय पर आयोजित होगी।

27 फरवरी से शुरू होगी परीक्षाएं

पिछले साल कर्मचारी चयन मंडल कुछ परीक्षार समय पर आयोजित नहीं कर पाया था। मप्र कर्मचारी चयन मंडल ने इस साल की पहली भर्ती परीक्षा आईटीआई ट्रेनिग ऑफिसर का कार्यक्रम तय कर दिया है। इसके लिए आवेदन भी भरे जा चुके है। भर्ती परीक्षा 27 फरवरी से होगी। कर्मचारी चयन मंडल द्वारा पिछले साल की दो लंबित भर्ती परीक्षाएं गत जनवरी में आयोजित की गई है।

सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि मप्र हाईकोर्ट कर्मचारियों की पदोन्नति पर लगी रोक हटा देता है, तो आने वाले समय में विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में पद रिक्त हो जाएंगे, जिन पर कर्मचारी चयन मंडल और मप्र लोक सेवा आयोग माध्यम से भर्ती की जाएगी।

Join WhatsApp Group
Join Now
Join Telegram Group
Join Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Join WhatsApp Group Join Telegram Group